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Black money case: Modi govt to reveal names of 3 account holders in Supreme Court today

New Delhi: The Central government will disclose the names of three black money account holders to the Supreme Court on Monday.Sources say the account holders are not political personalities and the names will be part of an affidavit the government will file in the apex court.

Black money case: Modi govt to reveal names of 3 account holders in Supreme Court today

Stung by Finance Minister Arun Jaitley’s remarks on the black money issue, Congress had asked the Modi Government to stop “blackmail” tactics and dared it to come out with full information, saying the party is above individuals.

A day after Arun Jaitley’s remarks that disclosure of names of those holding illicit foreign accounts will embarrass the Opposition party, party general secretary Ajay Maken said Government should desist coming out with “half truths” and “selective leakage”.

“Congress is not going to be blackmailed under any such threat. Do not try to blackmail us. Stricter possible action should be taken against whoever is involved in it but that should not be inspired by vindictiveness and it should also not be half truths,” he told reporters.

The issue of black money has led to a war of words between the ruling BJP and Congress.

The Modi government, which promised to bring back black money stashed by Indians in foreign banks, toed the line of UPA regime by informing the Supreme Court on October 17 that it cannot disclose such details given by countries with which India has double taxation avoidance agreement(DTAA).

As Congress accused the BJP government of “practising “hypocrisy” on the issue, Jaitely had said, “The names (of black money account holders) will be public shortly. I can assure you there is no embarrassment I (BJP) will have when all the names are disclosed. There is some embarrassment the Congress party will have because of those names”.

Reacting sharply to Jaitley’s remarks, Maken said, “There is no need to blackmail Congress. Whatever names they have, they should reveal and act as they have a government. They should not try to blackmail us.

“We also tell them not to limit the declaration of names only to 136 individuals. We want to tell the BJP and the Prime Minister that half truth is not the truth. They should not go for selective and vindictive leakages. They should come out with all the names.”

Maken also recalled that Prime Minister Narendra Modi, during his Lok Sabha election campaign, had said that if the black money is brought back, each citizen will have Rs.15 lakh while Home Minister Rajnath Singh, who was then BJP President, had promised to bring back black money within 100 days.

विदेशों में काला धन रखने वाले तीन नाम सामने आए

नई दिल्ली: सरकार ने विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने वाले तीन भारतीयों के नाम सुप्रीम कोर्ट को बता दिए हैं। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक, ब्लैक मना के मुद्दे पर सरकार की ओर से दिए गए पूरक हलफनामे के साथ राजकोट के बुलियन कारोबारी पंकज चमनलाल, डाबर समूह के निदेशक प्रदीप बर्मन, गोवा के खनन कारोबारी राधा टिम्बलू के नाम सबूत के साथ दिए गए हैं। इन तीनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं और जांच भी चल रही है, इसलिए इनके नाम सर्वोच्च अदालत को बताए गए हैं।

प्रदीप बर्मन ने माना है कि विदेशी बैंक में उनका अकाउंट है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह वैध अकाउंट है और वह सारे टैक्स चुका रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने यह खाता तब खुलवाया था, जब एनआरआई था। अपने बयान में बर्मन ने कहा कि इसमें कानूनी रूप से कुछ भी गलत नहीं है। बाकी दो लोगों का पक्ष अभी मीडिया के सामने नहीं आया है।

अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सरकार की ओर से पूरक हलफनामा जमा कराया कि उसकी इस बात का गलत अर्थ निकाला गया, जिसमें कहा गया था कि जिनके खातों की जांच इनकम टैक्स लॉ के तहत शुरू नहीं की गई है, उनके नामों का खुलासा नहीं होगा। इस हलफनामे में जिन तीन लोगों के नाम बताए गए हैं उनके खिलाफ विदेशी बैंकों में गोपनीय तरीके से पैसे रखने के मामले में जांच शुरू हो गई है। जैसे-जैसे लोग जांच के दायरे में आते जाएंगे सरकार और नामों का खुलासा सुप्रीम कोर्ट के सामने करेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली संकेत दे चुके हैं कि इसमें यूपीए सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता के भी नाम हैं।

टेलिविजन की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीए सरकार के एक मंत्री समेत कांग्रसे के चार नेताओं के नाम इसमें हैं। इनके खिलाफ जांच जारी है और यह पूरी होने के बाद इनके नाम सुप्रीम कोर्ट को बताए जाएंगे। रिपोर्ट में बताया गया है कि दो नाम महाराष्ट्र के ताकतवर राजनीतिक परिवार से और एक नाम पंजाब के नेता का है। सरकार को लगता है कि काले धन मामले में जांच के बिना नामों का खुलासा करना निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा। आरबीआई के नियमों के मुताबिक किसी भी भारतीय को यह हक है कि वह हर साल विदेशी बैंक में वैध तरीके से 1 लाख 25 हजार डॉलर जमा कर सकता है।

इस मामले में नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने पिछले हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि जर्मनी की आपत्तियों के कारण वह उन भारतीयों के नामों खुलासा तब तक नहीं कर सकती है जब तक कि उनके खिलाफ फाइनैंशल लॉ के तहत अनियमितता की जांच शुरू नहीं हो जाती। इससे पहले नामों का खुलासा करने से द्विपक्षीय समझौते की शर्तों का उल्लंघन होगा।

इसमें कहा गया है कि भारत सरकार अमेरिका समेत दूसरे देशों से कुछ महत्वपूर्ण दोहरे कराधान बचाव समझौते में लगी है। कोर्ट को बताया गया है कि इन संधियों के माध्यम से ही विदेशी बैंकों में जमा भारतीयों के ब्लैक मनी से जुड़ी सूचनाओं के स्रोत तक पहुंचा जा सकता है। सरकार ने कोर्ट से कहा था कि यदि हम समझौतों के करारों का उल्लंघन करते हैं तो विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा छुपाकर रखे गए पैसों से जुड़े डेटा दूसरे देश साझा करने से इनकार कर देंगे।

केंद्र सरकार ने इस हलफनामे के जरिए कोर्ट को आश्वस्त किया है कि वह उन भारतीयों के नामों का खुलासा करने के लिए तैयार है जिनके विदेशी बैंक खातों की जांच की सिफारिश की गई है। जेठमलानी ने सरकार के इस स्टैंड पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि सरकार सब कुछ रहस्य बनाकर रखना चाहती है। उन्होंने दोहरे कराधान बचाव समझौते के बारे में कहा था कि यह सब कुछ छुपाने की चाल है।